पिता को मुक्ति देने बेटा बन गईं 9 बेटियां, फफक कर रो पड़े देखने वाले

by candidajay1

सागर में अपने दिवंगत पिता को मुक्ति दिलाने 9 बेटियों ने ​न सिर्फ उनकी अ​र्थी को कंधा दिया, बल्कि मुक्तिधाम पहुंच कर उन्हें मुखाग्नि देकर अंतिम संस्कार भी किया। दरअसल सागर में पुलिस के रिटायर्ड एएसआई के निधन के बाद उनकी बेटियों ने अनूठी मिसाल पेश कर बेटे का फर्ज निभाया।

हाइलाइट्स

  • रिटायर्ट ASI की ब्रेन हैमरेज से हुई मौत
  • बेटा नहीं था, तो 9 बेटियों ने किया अंतिम संस्कार
  • अर्थी को कंधा दिया तो रो पड़े सब

नौ बेटियों ने पिता को दिया कंधा, मुक्तिधाम पहुंचकर किया अंतिम संस्कार

सागर: पुलिस की नौकरी से सेवानिवृत्त एक एएसआई के निधन के बाद उनकी बेटियों ने बेटे की तरह अपना फर्ज निभाया। अंतिम संस्कार में 9 बेटियों ने एक साथ उन्हें हिन्दू रीति-रिवाज से मुखाग्नि दी है। दरअसल मृतक की नौ बेटियां ही थी, उनको कोई बेटा नहीं था। पिता ने सभी बेटियों की परवरिश बेटों के समान ही की थी।
‘कोई किसी का नहीं होता’ बोलकर मंच से फफक-फफक कर रोने लगे बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र शास्त्री

जानकारी अनुसार मप्र के सागर जिले के मकरोनिया के वार्ड क्रमांक 17 महात्मा गांधीवार्ड निवासी व दसवीं बटालियन से रिटायर्ड एएसआई हरिश्चंद्र अहिरवार ब्रेन हेमरेज से पीड़ित थे। सोमवार सुबह उनका निधन हो गया था। उनका कोई पुत्र नहीं था, केवल 9 बेटियां थीं। बेटियों में भी 7 का विवाह हो चुका था। सोमवार को सभी बेटियां ने अपने पिता का खुद अंतिम संस्कार करने का फैसला किया।
नीतीश भारद्वाज ने स्मिता भारद्वाज के दावों को किया खारिज, बताया- कोर्ट ने किसी को नहीं दी है बच्चों की कस्टडी

नम आंखों से दी पिता को विदाई

दोपहर में जब हरिश्चंद्र की अर्थी घर से निकली तो सभी बेटियों ने उनको कंधा दिया। यह दृश्य जिसने भी देखा, उनकी आंखे नम हो गईं। बड़ी संख्या में लोग अंतिम यात्रा में शामिल हुए थे, सभी ने नम आंखों से हरिश्चंद्र को विदाई दी। मकरोनिया मुक्तिधाम में बेटियों ने अपने पिता को हिंदू रीति रिवाज से मुखाग्नि दी और अंतिम संस्कार की सारी विधि को पूरा किया।
Pankaj Udhas Ghazals: ‘च‍िट्ठी आई है’ से ‘चांदी जैसा रंग है तेरा…’, पंकज उधास के 10 सबसे बेहतरीन गजल और गीत

बेटी वंदना ने बताया कि उनके पिता को अपनी बेटियों से काफी लगाव था। हमारा कोई भाई नहीं है, इस कारण उनके साथ सभी छोटी—बड़ी बहनों जिनमें अनिता, तारा, जयश्री, कल्पनना, रिंकी, गुड़िया, रोशनी, दुर्गा ने एक साथ बेटी होने का फर्ज निभाने का फैसला किया था। उनके पिता ही उनका संसार थे।

आकाश सिकरवार के बारे में

आकाश सिकरवार

आकाश सिकरवार

नवभारत टाइम्स डिजिटल के लिए मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ की खबरों पर नज़र रखता हूं. इससे पहले पंजाब केसरी, हिंदुस्थान समाचार और सारांश टाइम्स में बतौर सब एडिटर काम कर चुका हूं. किताबें पढ़ता हूं, घूमता हूं और सीखने में यकीन रखता हूं.… Read More

You may also like

Leave a Comment

multipurpose site for ROV ,drone services,mineral ores,ingots,agro commodities-oils,pulses,fatty acid distillate,rice,tomato concentrate,animal waste -gallstones,maggot feed ,general purpose niche -consumer goods,consumer electronics and all .Compedium of news around the world,businesses,ecommerce ,mineral,machines promotion and affiliation and just name it ...
multipurpose site for ROV ,drone services,mineral ores,ingots,agro commodities-oils,pulses,fatty acid distillate,rice,tomato concentrate,animal waste -gallstones,maggot feed ,general purpose niche -consumer goods,consumer electronics and all .Compedium of news around the world,businesses,ecommerce ,mineral,machines promotion and affiliation and just name it ...

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More

Privacy & Cookies Policy